
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | गुरु हरगोबिंद साहिब जी |
| पिता का नाम | गुरु अर्जुन देव जी |
| माता का नाम | माता गंगा देवी |
| जन्म स्थान | गुरु की वडाली, ज़िला अमृतसर |
| पत्नी का नाम | बीबी दमोदरी, बीबी नानक, बीबी महा देवी |
| बच्चों के नाम | बाबा गुरदिता, बाबा सूरज मल, बाबा आनी राय, बाबा अटल राय, (गुरु) तेग बहादुर जी, बीबी बीरो |
| गुरुगद्दी संभाली | 25 मई 1606 |
| नगर स्थापना | 1628 में किरतपुर नगर (ज़िला रूपनगर, पंजाब) |
| समकालीन शासक | सम्राट जहांगीर (1605–1626), सम्राट शाहजहां (1627–1658) |
| विशेष योगदान | सिख आंदोलन को सैन्य रूप प्रदान किया, दो तलवारें धारण कीं — मिरी (सांसारिक) और पीरी (आध्यात्मिक) |
| युद्ध | मुखलिस ख़ान (अमृतसर, 1628) अब्दुल्ला ख़ान (श्री हरगोबिंदपुर, 1630) कमर बेग (गुरुसर, 1631) काले ख़ान और पाईंदे ख़ान (कपूरथला, 1634) |
| जोति जोत | 3 मार्च 1644, किरतपुर |
