
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | गुरु नानक देव जी |
| पिता का नाम | मेहता कलायन दास |
| माता का नाम | माता त्रिपता |
| जन्म तिथि | 15 अप्रैल 1469 (SGPC के अनुसार) |
| जन्म स्थान | राय भोई दी तलवंडी (ननकाना साहिब, अब पाकिस्तान में) |
| पत्नी का नाम | बीबी सुलखानी जी |
| संतान | बाबा श्री चंद, बाबा लखमी दास |
| स्थापित नगर | करतारपुर (रावी नदी के किनारे, 1504 में) |
| बाणी | कुल 974 शब्द 19 रागों में (जैसे आसा, बसंतू, धनासरी, गौड़ी मझ, रामकली, सोरठी, श्री राग, सुही आदि) |
| समकालीन शासक | – बहलोल लोदी (1451 – 1489) – सिकंदर लोदी (1489 – 1517) – इब्राहीम लोदी (1517 – 1526) – सम्राट बाबर (1526 – 1530) – सम्राट हुमायूं (1530 – 1540) |
| संदेश | – कीरत करो – ईमानदारी से जीवन जियो – नाम जपो – प्रभु का स्मरण करो – वंड के छको – दूसरों के साथ बांटो |
| विशेष योगदान | – जाति-पाति के भेदभाव को दूर करना, क्योंकि सभी मनुष्य समान हैं। – सेवा और विनम्रता की भावना को अपनाना। |
| प्रवास (1500 – 1524) | 1. 1500 – 1506: पूर्वी भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान 2. 1506 – 1513: दक्षिण भारत, श्रीलंका 3. 1514 – 1518: कश्मीर, नेपाल, तिब्बत, भूटान, दक्षिण चीन 4. 1519 – 1521: पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, इराक, इज़राइल, सीरिया, जॉर्डन, सऊदी अरब (मक्का सहित), अफ्रीका 5. 1523 – 1524: पंजाब (भारत और पाकिस्तान) |
| ज्योति जोत | 22 सितंबर 1539, करतारपुर (रावी) |
