
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | गुरु अंगद देव जी |
| पिता का नाम | भाई फेरेू मल |
| माता का नाम | माता दया |
| जन्म तिथि | 31 मार्च, 1504 |
| जन्म स्थान | मट्टे दी सारक, जिला फिरोजपुर, पंजाब |
| पत्नी का नाम | बीबी खिवी |
| बच्चों के नाम | बाबा दासू, बटा दत्तू, बीबी अम्रो, बीबी अनोखी |
| गुरुगद्दी संभालने का समय | 1539, कार्तारपुर |
| बाणियाँ | 63 रागों में, सलोकों के रूप में |
| समकालीन शासक | सम्राट हुमायूँ (1542 – 1540), शेर शाह सूरी (1542 – 1545), इस्लाम शाह (1545 – 1553) |
| संदेश | मानवता के लिए निस्वार्थ सेवा करना, परमेश्वर की इच्छा को पूर्ण रूप से स्वीकार करना। दिखावा और पाखंड की निंदा। |
| विशेष योगदान | गुरु नानक देव जी का जीवनी संकलन ‘बाले वाल जन्म साखी’, गुरमुखी लिपि में सुधार, खडूर साहिब में बच्चों के लिए स्कूल शुरू किया, खेल और कुश्ती को प्रोत्साहित किया। |
| ज्योति-जोत | 29 मार्च, 1552, खडूर साहिब |
